Saturday, 17 June 2023

sukanya samriddhi yojana interest rate

 

एसएसवाई(SSY) - सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट

 

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) एक निवेश योजना है जो भारतीय सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। यह योजना बालिकाओं के लिए होती है और उनकी शिक्षा और विवाह के लिए एक आर्थिक आधार तैयार करने का उद्देश्य रखती है।

इस योजना के तहत, एक बालिका के नाम पर एक सुकन्या समृद्धि खाता खोला जाता है। इस खाते में निवेश किया जाता है और उसका उद्धार केवल उस बालिका की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने पर किया जा सकता है। यह योजना एक नियमित रूप से निवेश करने के लिए अत्यंत उपयुक्त होती है और बालिका के भविष्य के लिए एक धनी स्रोत प्रदान करती है।

यह खाता एसएसवाई (SSY) के रूप में भी जाना जाता है और यह रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा प्रबंधित किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत निवेश करने पर आपको कर छूट और उच्च ब्याज दर मिल सकती है।

यह योजना भारतीय नागरिकों के लिए है और अधिक जानकारी के लिए आपको स्थानीय बैंक

 

सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) स्कीम को एक बच्ची के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था।  एसएसवाई स्कीम के मुख्य लाभ निम्नलिखित हैं:

 

  • इंटरेस्ट रेट 8.4% से घटाकर 7.6% कर दिया गया 
  • 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट
  • अकाउंट को ट्रांसफर किया जा सकता है

 


इस योजना में किए जाने वाले निवेश का इस्तेमाल, लड़की की शादी और पढ़ाई के लिए किया जा सकता है।  एसएसवाई अकाउंट, बैंक और पोस्ट ऑफिस में खोला जा सकता है।  इस योजना में किए गए इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है।

सुकन्या समृद्धि योजना का इंटरेस्ट रेट

फ़िलहाल, एसएसवाई स्कीम का इंटरेस्ट रेट, 8.4% से घटाकर 7.6% कर दिया गया है और यह वार्षिक आधार पर चक्रवृद्धि दर से बढ़ता है।  योजना की समय अवधि पूरी होने के बाद या लड़की के एक गैर निवासी भारतीय (NRI) या एक गैर नागरिक बनने के बाद इंटरेस्ट नहीं मिलता है।  इंटरेस्ट रेट, सरकार तय करती है जिसे हर तीन महीने पर तय किया जाता है।

 

सुकन्या समृद्धि योजना में थोड़ा कम या ज्यादा पैसा इन्वेस्ट कर देने पर क्या होता है?

  • कम पैसा इन्वेस्ट करने पर : एक वित्तीय वर्ष में मिनिमम अमाउंट यानी 500 रुपये इन्वेस्ट न करने पर, अकाउंट को डिफ़ॉल्ट मान लिया जाएगा।  लेकिन, 50 रुपये का फाइन देकर अकाउंट को फिर से एक्टिव किया जा सकता है।
  • ज्यादा पैसा इन्वेस्ट करने पर : 5 लाख रुपये से ज्यादा इन्वेस्ट करने पर एक्स्ट्रा अमाउंट पर कोई इंटरेस्ट नहीं मिलता है।  डिपोजिटर यानी जमाकर्ता, उस एक्स्ट्रा अमाउंट को कभी भी निकाल सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना की विशेषताएं

एसएसवाई अकाउंट की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

विशेषताएं

विवरण

अकाउंट का संचालन

अभिभावक या माता-पिता, लड़की के 10 साल का होने तक अकाउंट का संचालन कर सकते हैं।18 साल का होने के बाद लड़की को ही अकाउंट का संचालन करना होगा।

अकाउंट में किया जाने वाला इन्वेस्टमेंट

एक वित्तीय वर्ष में इस अकाउंट में कम-से-कम 500 रुपये और अधिक-से-अधिक 1.5 लाख रुपये इन्वेस्ट किया जा सकता है। यह इन्वेस्टमेंट, 100 के मल्टीपल्स में किया जा सकता है।

योजना की समय अवधि

इसमें किया जाने वाला डिपोजिट या इन्वेस्टमेंट, 15 साल के लिए करना होता है। लेकिन, यह योजना, 21 साल बाद मैच्योर होती है।

अकाउंट का ट्रांसफर

एक एसएसवाई अकाउंट को भारत में कहीं भी पोस्ट ऑफिस से बैंक और बैंक से पोस्ट ऑफिस में ट्रांसफर किया जा सकता है। अकाउंट ट्रांसफर करने पर कोई चार्ज नहीं लगता है। लेकिन, आवास परिवर्तन का प्रमाण दिखाना जरूरी है। कोई प्रमाण न दिखाने पर, 100 रुपये चार्ज लगेगा।

डिपोजिट या इन्वेस्टमेंट करने का तरीका

इस अकाउंट में ऑनलाइन ट्रांसफर, डिमांड ड्राफ्ट, चेक, या कैश के माध्यम से इन्वेस्ट किया जा सकता है।

सुकन्या समृद्धि योजना के योग्यता सम्बन्धी मानदंड

सुकन्या समृद्धि योजना के योग्यता सम्बन्धी मानदंड निम्नलिखित हैं:

  • माता/पिता या कानूनी अभिभावक अपनी बच्ची के 10 साल का होने से पहले उसकी तरफ से एक एसएसवाई अकाउंट खोल सकते हैं।
  • बच्ची, एक निवासी भारतीय होनी चाहिए।
  • एक परिवार में, दो लड़कियों के लिए अधिक-से-अधिक दो अकाउंट खोले जा सकते हैं।
  • तीसरा एसएसवाई अकाउंट, जुड़वाँ लड़कियों के मामले में खोला जा सकता है।

 

एक एसएसवाई अकाउंट खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज

एक एसएसवाई अकाउंट खोलने के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है:

  • एसएसवाई अकाउंट ओपनिंग फॉर्म
  • अकाउंट खोलने के समय बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र सबमिट करना जरूरी होता है।
  • अकाउंट खोलने के समय डिपोजिटर का पहचान प्रमाण और पता प्रमाण भी सबमिट करना होता है।
  • यदि एक ही समय में एक से अधिक बच्चों का जन्म हुआ है तो एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी सबमिट करना पड़ता है।
  • इसके अलावा, बैंक या पोस्ट ऑफिस के अनुरोध पर कुछ अन्य दस्तावेज भी सबमिट करने पड़ सकते हैं।

पासबुक में कौन-कौन से विवरण दर्ज किए जाते हैं?

 एसएसवाई अकाउंट खुलने के बाद, डिपोजिटर को एक पासबुक मिलता है।  पासबुक में अकाउंट खुलने की तारीख, बच्ची के जन्म की तारीख, अकाउंट नंबर, नाम, अकाउंट होल्डर का पता, और डिपोजिट किए गए अमाउंट का जिक्र रहता है।

अकाउंट में पैसे डिपोजिट करते समय, इंटरेस्ट पेमेंट लेते समय, और अकाउंट बंद करते समय, बैंक या पोस्ट ऑफिस में पासबुक सबमिट करना जरूरी होता है।

 

सुकन्या समृद्धि योजना पर मिलने वाला टैक्स बेनिफिट

सुकन्या समृद्धि योजना पर निम्नलिखित टैक्स बेनिफिट मिलते हैं:

  • इस योजना में किए गए इन्वेस्टमेंट पर इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80C के तहत5 लाख रुपये तक का टैक्स बेनिफिट मिलता है।
  • इस पर मिलने वाले इंटरेस्ट अमाउंट पर टैक्स नहीं लगता है।
  • मैच्योरिटी अमाउंट या विथड्रॉल अमाउंट पर भी टैक्स बेनिफिट मिलता है।

FAQs

1.     सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बच्चियों की उम्र सीमा में कितनी राहत दी जाती है ?

चूंकि, सुकन्या समृद्धि योजना एक नई योजना है, इसलिए सरकार नहीं चाहती कि उम्र से जुड़े कारणों की वजह से कुछ लोगों को इससे हाथ धोना पड़े। इसलिए, इस योजना के शुरू होने से ठीक 1 साल पहले, 10 साल की होने वाली बच्ची भी इस योजना का लाभ उठा सकती है।

2.     कौन - कौन लोग , सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोल सकते हैं ?

एक बच्ची का कानूनी अभिभावक या माता/पिता, अपनी बच्ची की तरफ से सुकन्या समृद्धि अकाउंट खोल सकते हैं।

3.     क्या एक गैर निवासी भारतीय (NRI), सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ उठा सकता है ?

अभी तक, इस सम्बन्ध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है, इसलिए, इस समय, ऐसे एनआरआई को सुकन्या समृद्धि योजना के तहत कवर नहीं किया जाता है।

4.     दुर्भाग्य से , इस योजना की लाभार्थी बच्ची की मौत हो जाने पर क्या होता है ?

बच्ची की मौत होने पर, सुकन्या समृद्धि अकाउंट रुक और बंद हो जाता है और उसका पैसा, बच्ची के अभिभावक या माता/पिता को दे दिया जाता है।

5.     डिपोजिटर ( बच्ची का अभिभावक या माता / पिता ) की मौत हो जाने पर क्या होता है ?

बच्ची के कानूनी अभिभावक या माता/पिता की मौत हो जाने पर, या तो इस अकाउंट को बंद करके उसका पैसा, उसके परिवार या बच्ची को दे दिया जाता है। या, उस अकाउंट को मैच्योरिटी पीरियड तक उसमें डिपोजिटेड अमाउंट के साथ चालू रखा जाता है और बच्ची के 21 साल का होने तक उस डिपोजिटेड अमाउंट पर इंटरेस्ट मिलता रहता है।

6.     क्या मैं अपने नॉर्मल बैंक डिपोजिट अकाउंट को सुकन्या समृद्धि अकाउंट में बदल सकता / सकती हूँ ?

नहीं, फ़िलहाल एक डिपोजिट अकाउंट को एक सुकन्या समृद्धि अकाउंट में बदलने की सुविधा मौजूद नहीं है।  सुकन्या समृद्धि योजना एक ख़ास योजना है जिसे देश में लड़कियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के इरादे से चालू की गई है, इसलिए अकाउंट बदलने की इजाजत नहीं है।

7.     क्या मैं अपने सुकन्या समृद्धि अकाउंट से समय से पहले पैसे निकाल सकता / सकती हूँ ?

नहीं। सिर्फ 50% तक कुछ पैसे निकालने की इजाजत है और वह भी तब जब बच्ची कम-से-कम 18 साल की हो जाय। इस पैसे को सिर्फ लड़की की उच्च शिक्षा या शादी में खर्च करने के लिए ही निकाला जा सकता है।

8.     क्या सुकन्या समृद्धि योजना को लोकेशन के आधार पर ट्रांसफर किया जा सकता है ?

हाँ। इस योजना को पोस्ट ऑफिस से बैंक या एक ऑथराइज्ड बैंक से दूसरे ऑथराइज्ड बैंक में ट्रांसफर किया जा सकता है।  यह सुविधा इसलिए दी जाती है क्योंकि ऐसा समय भी आ सकता है जब लड़की को पढ़ाई या ऐसी किसी अन्य परिस्थिति के कारण जगह बदलनी पड़ सकती है।

 

Monday, 17 June 2013

आपणच ठरवल होत ना रे...

आपणच ठरवल होत ना रे
कधीच सोडायची नाही साथ एकमेकांची
पण, आयुष्यात कुठे काय ते मोठे वादळ आले
अन्, आपल्याला एकमेकांपासून दूर करून गेले....

... कधीतरी विचार कर रे परत येण्याचा
मी नाही काही बोलेन तुला
तू फक्त माझ्याकडे येण्याचा प्रयत्न तर कर
मी स्विकारेन तुला सगळ्या दुःखा सहित
नको देऊस सुख मला
पण असा एकटा तरी नको सोडून जाऊस....

माहित आहे रे मला
तू फार जिद्दी आहे
नाही येणार तू परत तरी मी वाट पाहिन तुझी
या श्वासाचा अंत होई पर्यंत......... ..

तुझ्याच साठी मागतो...

तुझ्या मुलेच तर माझ्या कवितेला जोड आहे,
म्हणूनच कि काय मला तुम्हा दोघींची इतकी ओढ आहे...♥♥

खर तर तू आणि कविता दोघी एकाच माळेचे मणी,
विसरू नाही देत मला तुम्ही दोघीही जणी...♥♥

तूच आहेस कविता माझी, अन कवितेतही तूच असतेस,
तू जवळ नसतेस तेव्हा तीच जवळ येऊन बसते...♥♥

अशाच घट्ट राहू देत तुमच्या प्रेमळ भेटी गाठी,
तू माझ्या कविते बरोबर अन मी तुम्हा दोघांसाठी...♥♥

माझ्यावर कविता नको करूस असे देखील बोलतेस तू,
कवितेत येऊन माझ्या प्रेमाचे सारे राज खोलतेस तू...♥♥

कितीही नाही बोललीस तरी माझ्या कवितेला माहित आहे,
अखेर माझ्या सोबत तीही तुझीच वाट पाहीत आहे...♥♥

श्वास आहे ती माझा म्हणूनच कविता करून जगतो,
काही नको मला देवाकडे, सार तुझ्याच साठी मागतो...♥♥

कळ्तील तुला चुका पण मी माफ़ केल्यावर...

पाखरे परत येतील साजं टळून गेल्यावर
मेघ दाटून येतील उंन पोळून गेल्यावर
सरी धावून येतील रानं जळून गेल्यावर
सुखही परत येईल दु:खं छ्ळून गेल्यावर.

होतील मार्ग मोकळे वळणं टळून गेल्यावर
शब्द टोचतील मनाला ते बोलून गेल्यावर
भिजतील डोळे तुझे, माझे सुकून गेल्यावर
पुन्हां तु ही परत येशील मी दूर गेल्यावर.

झोप धावून येईल स्वप्नं जळून गेल्यावर
कळ्तील तुला चुका पण मी माफ़ केल्यावर
कळेल प्रेम तुला विरहात मन पिळून गेल्यावर
तुही धावून येशील मी राखेत मिळून गेल्यावर.

आठवण माझीही येईल मी विसरून गेल्यावर
पुन्हां तु शोधशील खुणा राखही उडून गेल्यावर
तुझ्याही डोळ्यात आसवे ओघळतील कधी
पण माझ्या कविता तुझ्यापुढे रडून गेल्यावर

वेड मात्र तुझे आहे.......

झोप माझी असली तरी
स्वप्न मात्र तुझे आहे
रंग माझे असले तरी
चित्र मात्र तुझे आहे

ह्रदय माझे असले तरी
ध्यास मात्र तुझा आहे
नजर माझी असली तरी
भास मात्र तुझा आहे

शब्द माझे असले तरी
वर्णन मात्र तुझे आहे
वेडा मी असलो तरी
वेड मात्र तुझे आहे

आयुष्य माझे असले तरी
त्यावर हक्क फक्त तुझा आहे
पूर्ण नसलो जरी मी
अपुर्ण मात्र तुझ्या मुळेच आहे

एका क्षणात होत...

भीती वाटते कोणाला आपल बनवायची...
Photo: i miss uभीती वाटते कोणाला आपल बनवायची...
भीती वाटते काही वचने निभवन्याची...
 

भीती वाटते काही वचने निभवन्याची...

प्रेम तर एका क्षणात होत...
पण मोठी किम्मत मोजावी लागते.... विसरन्याची...

खुप ञास होतो जवळचे दूर होताना .....
म्हणूनच मन घाबरतं आता कुणालाही जवळ करताना..

कधी आयुष्यात आलीस...

कधी आयुष्यात आलीस अन कधी माझी सवय झालीस काही कळलेच नाही..
एक एक दिवस जात होता ..
अन एक एक आठवण मनाच्या पटलावर तरंगून जात होती ..
कदाचित तुला मी वेडा वाटत असेन..
अन होय मी वेडाच आहे तुझ्याच साठी..तुझ्याच साठी..

शोन्या I Love u...

Gf : तुझ माझ्यावर प्रेम का आहे. . . .?

Bf : असच. . . .!! आहे माझ प्रेम पिल्लू. . . .

Gf : Satisfy होत नाही आणि परत विचारते
मला कारण सांग ना शोन्या. . . . . .

Bf : बर. .!! ऐक तु माझी ईतकी काळजी घेत
मला मदत करते माझ्यावर प्रेम करते
म्हणून. . . .

Gf : खुश होते. . . .
पण काहि दिवसांनी ती खुप आजारी पडते
ती त्याची काळजी घेऊ शकत नव्हती
त्याला मदत करु शकत नव्हती. . . . . .
ती घाबरते
त्याला विचारते
शोन्या अजून माझ्यावर प्रेम करतोस

Bf : हो ग पिल्लू

Gf : पण मी तर अशी म का

Bf : आता कळल का पिल्लू तुला प्रेमाला कारण
नसत लागत ते होउन जात
ज्या प्रेमात कारण असत ते प्रेम कसल
गं. . . . .

Gf : sorry शोन्या I Love u

Bf : love u 2 पिल्लू. . .

ती नेहमी म्हणायची...

ती नेहमी म्हणायची स्वप्ने पाहू नकोस !
स्वप्न परीचे पाहिले की तिला सांगायचो,
परीचा राजकुमार मीच अशा काही कल्पना करायचो,
स्वप्नात हि स्वप्ने रंगवत असाच काही वागायाचो,

ती नेहमी म्हणायची स्वप्ने पाहू नकोस !

मनातल्या भावना तिच्या कडे व्यक्त करायचो,
उगवत्या सूर्या पासून ते मावलत्या सूर्या पर्यंत
फक्त तिच्या गोष्टी करायचो,
रात्रीच्या चंद्रा कडे पाहुन तिच्याच स्वप्नात डुबायचो,


ती नेहमी म्हणायची पण ऐक्नार्यातला मी कोण...?
स्वप्ने पहाता-पहाता इतका काही गुंतलो,
की पुन्हा वास्तव्यात येन स्वप्न होउन राहिले,

मैत्री हि हरवली,
परी हि हरवली,
राहिला तर फक्त पचतावा....!
अस तुमच्या सोबत होउन देऊ नका

"होती एक
तिच्यावर खुप मी प्रेम करायचो
तिची आठवण आल्यावर कविता करत बसायचा..
" वेडा होतो अगदी वेडा"

दूरावा म्हणजे प्रेम...

दूरावा म्हणजे प्रेम...

अन, ऒलावा म्हणजे देखील प्रेम..दूराव्यात असते आठवण...
अन, ऒलाव्यात असते ती साठवण...दूराव्यात अनेक भास असतात...
अन, ऒलाव्यात तेच भास खास असतात..दूरावा असह्य असतॊ...
ऒलावा मात्र हवाहवासा असतॊ...दूराव्यातही असावा ऒलावा...
पण, ऒलाव्यात असू नये कधीही दूरावा..दूराव्यात प्रेमाचं घर असतं,अन,
ऒलाव्यात त्याला सजवायचं असतं...
दूरावा तूझ्यात अन माझ्यात असला म्हणून काय झालं?
ऒलाव्यालाही हेवा वाटेल असा आहे आपल्या मनाचा आरसा...

दूरावा म्हणजे प्रेम...

कुणी नसत रे...

आज खरचं कुठे मी चुकलो असेलका ?
याचा शोध करायचा आहे ♥

आज पासून तिच्याशिवाय का होईना पण
एकटेच जगण्याचा प्रयत्न करायचा आहे ♥

तिने कायमचे दुरावले मला

हेच मनाला घट्ट समजावयाचे आहे ♥

आज तू परत एकटाच या जगात
हेच त्याला बजावयाचे आहे ♥

कुणी नसत रे आपल वेळेवर
याचीच त्याला जाणीव द्यायची आहे♥

आता तुला एकटेच जगायचे आहे
हेच त्याला आता शिकवायचे आहे♥

अरे! हे वेड्या रडतोस कशाला?
तुला तिच्यासाठी रडूनही हसायचे आहे♥

ती खूप सुखात राहावी आयुष्यात
म्हणून तुला दुखःतच जगायचे आहे ♥

विसरायला सांगितले ना तिने तुला?
मग तिच्या सुखासाठी तू खरच विसरलास हेच तुला तिला दाखवायचे आहे ♥

चल सोड तो विषय आता कारण......
आज पासून तुला परत तिच्याशिवाय  मरायला शिकायचे आहे

क्लास मध्ये अनेक गोड मुली असतात...

क्लास मध्ये अनेक गोड मुली असतात,
पण जी गोड लाजते,
ती मुलगी मराठी असते.

क्लास मध्ये मुली शॉर्ट टॉप घालतात.
पण जी पाठ दिसू नये म्हणून टॉप खाली ओढते,
ती मुलगी मराठी असते.

क्लास मध्ये मुली जीन्स घलुन येतात,
पण जि जीन्स बरोबर पायात पैजण घालते,
ती मुलगी मराठी असते.

क्लास मध्ये अनेक मुली असतात
पण वात्रटपणा केल्यावए कानाखाली वाजवते
ती मुलगी मराठी असते

क्लास मध्ये अनेक मुली असतात
स्वतःच्या नोट्स सहज दुसरयाला देते
ती मुलगी मराठी असते

शॉपींगलाही अनेक मुली जातात
खर्चाचा विचार करुन फ़क्त कानातलं घेऊन येते
ती मुलगी मराठी असते................

फक्त आठवणीत उरलं...

खरं प्रेम जे तू पाहिलं, जे मी केलं
खरं प्रेम जे आता फक्त आठवणीत उरलं.

जेव्हा तुला पाहिलं, तेव्हाच मी जाणलं
प्रेम मी फक्त तुझ्या डोळ्यात पाहिलं.
जेव्हा तुला पाहिलं, तेव्हाच मी जाणलं
त्याक्षणी माझ्या मनांत तुझं प्रेम जागलं.

प्रेम हे कधी लपत नसतं, ते आपसूकच दिसतं
तू कधीच सांगितलं नाही, तुझ्या डोळ्यात ते नेहमीच दिसलं.
प्रेम हे कधी लपत नसतं, ते आपसूकच दिसतं
प्रेम कधीच कळत नाही, ते हळूच स्पर्श करतं.

प्रेम मी जीवापाड केलं, तुझ्यासाठी मी आयुष्य जगलो
तू कधीच बोलली नाहीस, पण मी ते कधीच जाणलं.
प्रेम मी जीवापाड केलं, तुझ्यासाठी मी आयुष्य जगलो
तुझ्यासाठी फक्त मी, माझं जगणं तुझ्या नावे केलं.

आता काहीच नाही राहिलं, आता फक्त आठवणीतच उरलं
तू सोडून गेलीस अन डोळ्यात पाणी तरलं.
आता काहीच नाही राहिलं, आता फक्त आठवणीतच उरलं
तुझ्या आठवणीत फक्त आता माझं आयुष्य उरलं.

खरं प्रेम जे तू पाहिलं, जे मी केलं
खरं प्रेम जे आता फक्त आठवणीत उरलं.

एक प्रेमळ विनोदी सत्य...

एक प्रेमळ विनोदी सत्य :
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मुलगा जेव्हा चूक करतो तेव्हा मुलगी त्याच्यावर ओरडते....!!!
मुलगा बोलतो "सॉरी"
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... ...

...
..
.
मुलगी जेव्हा चूक करते तेव्हा मुलगा तिच्यावर ओरडतो....!!!!
मुलगी रडायला लागते
मग मुलगाच परत बोलते"सॉरी".......

फक्त तुझ्यासाठी...

एक हास्य उमटते ......फक्त   तुझ्यासाठी
एक चेहरा खुलतो......फक्त   तुझ्यासाठी
एक अविस्मरणीय भेट ...फक्त तुझ्यासाठी
एक मार्ग चालतो....... फक्त तुझ्यासाठी
एक मंझील दिसते ... फक्त तुझ्यासाठी
एका रस्त्यावर वाट पाहतो...फक्त तुझ्यासाठी
एक स्वप्न पाहतो..........फक्त.तुझ्यासाठी
एक प्रार्थना देवाकडे.....फक्त तुझ्यासाठी
एक जन्म घेतला..... फक्त तुझ्यासाठी
एक आयुश्य जगतो .... फक्त तुझ्यासाठी
एक मन झुरते .....फक्त  तुझ्यासाठी
एक जीवन कुर्बान.....फक्त तुझ्यासाठी
एक आत्मा तळमळतो....फक्त तुझ्यासाठीखरंच फक्त तुझ्यासाठी....फक्त तुझ्या आणि तुझ्याचसाठी

आता मी ठरवलय...

आता मी ठरवलय एकदा असही करून पहायचं...
माणसांमध्ये जाऊन बसायचं, छान छान बोलायचं, खोटं खोटं हसायचं
आणि अजून माणसात आहे असं दाखवायचं...

आता मी ठरवलय एकदा असही करून पहायचं...
माझं सोडून त्यांचं रडगाणं ऐकायचं.. सूर कुठे जुळतात का ते पहायचं...

आता मी ठरवलय एकदा असही करून पहायचं...
मनात आभाळ दाटून आले की बाहेर पडणाऱ्या पावसात भिजायचं
मग ह्या शरीराबरोबर मनालाही गारवा मिळतो का ते पहायचं...

आता मी ठरवलय एकदा असही करून पहायचं...
हळवं बिळवं व्हायचं नाही..रुतलेल्या काट्यांना मलमपट्टी करायची..
दारू पेक्षा दवा काही काम करते का ते पहायचं......

आता मी ठरवलय एकदा असही करून पहायचं...
खोलीत जाऊन दार घट्ट बंद करून घ्यायचं..खिडक्या बंद करून पडदे ओढून मिट्ट अंधार करायचा..
पोटात पाय घेऊन मनसोक्त रडायचं आणि खरंच मन मोकळं होतं का ते पहायचं...

आठवतं का ग तुला...

आठवतं का ग तुला...........

आठवतं का ग तुला तो दिवस जेव्हा मी तुला Propose केलं होतं...
आठवतं का ग तुला जेव्हा मी तुला Message करून तुझ्या मनातलं तुला सांगितलं होतं...


आठवतं का ग तुला माझ्या आठवणीत ते तुझं रात्रं रात्रं जागून रडणं...

आठवतं का ग तुला मला भेटण्याची ती उत्सुकता तुझ्या चेहऱ्यावर दिसत होती...

आठवतं का ग तुला आपली ती पहिली भेट जेव्हा तू माझ्या मिठीत येऊन रडली होतीस...

आठवतं का ग तुला ते आपलं रात्रं रात्रं उशिरा पर्यंत Phone वर गप्पामारणं...

आठवतं का ग तुला ते आपल्या भेटण्याचे सुखद क्षण जे कधी न विसरण्यासारखे आहेत..

आठवतं का ग तुला ते तुझं ते छोट छोट्या गोष्टींवर्ती माझी चूक नसतानारागावणं आणि माझं तुझं प्रेमाने मनवणं...
आठवतं का ग तुला तो दुःखाचा दिवस जेव्हा आपण शेवटचं भेटलो होतो कधीच न भेटण्यासाठी...
आठवतं का ग तुला खरंच आठवतं का ग तुला
हे सर्व क्षण खूप रडतो ग मनापासून जेव्हा सर्व आठवतं तेव्हा कदाचित तू सुधा रडत असशील ..
पण आता आयुष्यात फक्त आठवणीच राहिल्यात आणि त्याच आठवणींना घेऊन जगायचं आहे. .
कारण ......

आठवणीत जागू दे...

कधीतरी तुझ्या डोळ्यांना माझ्या आठवणीत जागू दे...
कधीतरी तुझ्या मनाला त्याच्या मनाने वागू दे...

आनंदाश्रू असताना जे अमृतासारखे वाहतात...
तेच अश्रु दु:खामध्ये विष बनू पाहतात...
 
डोकं एकदा तापलं की तुझासुद्धा राग येतो...
पण या क्षणिक रागामध्ये प्रेमाचाच भाग येतो...

तुझ्यासोबत खेळताना मी हरण्यासाठीच खेळत गेलो...
जिंकण्याकडे दुर्लक्ष करून मी मैत्रीचे नियम पाळत गेलो...

गुलाबाच्या फुलासोबत किमान एकतरी काटा असतो...
'त्या' नाजुक फुलाच्या संरक्षणात त्याचा सिंहाचा वाटा असतो...

आयुष्य असचं जगायचं असतं...

जे घडेल ते सहन करायचे असतं,
 बदलत्या जगाबरोबर बदलायचं असतं
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

कुठून सुरु झालं हे माहीत नसलं तरी, 
कुठतरी थांबायचं असतं,
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

कुणासाठी काहीतरी निस्वार्थपणे करायचं असतं, 
स्वत च्या सुखापेक्षा इतरांना सुखवायचे असतं
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

दु ख आणि अश्रुंना मनात कोडुन ठेवायचं असतं,
हसता नाही आलं तरी हसवायचं असतं,
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

पंखामध्ये बळ आल्यावर घरटं सोडायचं असतं, 
आकाशात झेपावुनही धरतीला विसरायचं नसतं,
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

मरणानं समोर येउन जीव जरी मागितला तरी 
मागुन मागुन काय मागितलसं असचं म्हणायचं असतं,
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

इच्छा असो वा नसो जन्मभर वाकायचं असतं, 
पणं जग सोडताना मात्र समाधानानं जायचं असतं,
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

कसे धन्यवाद देऊ तुला..
आयुष्य असचं जगायचं असतं..

कुणाला जाणीव ही नसते ...

कुणाला जाणीव ही नसते ,
कुणासाठी कुणीतरी झुरते,
कळीला त्रास होऊ नये म्हणून ,
एक फुलपाखरू बागेबाहेरच फिरते ,
किती त्रास
द्यावा एखाद्याला ,
यालाही काही प्रमाण असते ,
आपल्यावरूनच विचार करावा,
समोरच्यालाही मन असते ...

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